Tuesday, February 16, 2010

अनन्या दीदी..



Welcome! welcome! अनन्या दीदी....बच्चों की दुनिया में आपका स्वागत है....

दीदी आपसे भी यही प्रश्न है कि आपको आपका स्कूल कैसा लगता है और यदि आप teacher होती तो बच्चों को कैसे पढ़ाती?
video

मैं,

मैं क्या होती?

हैं?

हाँ?

क्या होती है ?

मैं teacher होती तो कैसे अच्छा लगता है?

मैं teacher होती तो कैसे अच्छा लगता है?

हूँ?

मेरी दो mam है क्या होता है?

shit!

वहाँ पे दो बच्चे हैं।

वहाँ पे दो mam हैTeacher पढ़ाती है।

video

क्या?

मैं इन्द्रापुरम में पढ़ती हूँ मेरे स्कूल का नाम Little Sanskar है।

वहाँ पर दो mam है।

वहाँ पर ३ बच्चे हैं वहाँ पर mam पढ़ाती है Painting करवाती है।

खाने को भी देती है। बस मेगी भी देती है।

मैं अगर Teacher होती तो बच्चों को प्यार से पढ़ाती और उन्हें चोकक्लेट,चिप्स और मिठाई देती। मुझे मेरा स्कूल अच्छा लगता है। mam भी अच्छी है। मेरा school Indrapuram में है।

हा हा हा ......कितने प्यारे विचार हैं आपके।
आपके student तो आपसे जरूर खुश हो जायेंगे। आप तरक्की के मार्ग पर अग्रसर रहें यही ईश्वर से प्रार्थना है।

Wednesday, February 10, 2010

अद्वैत भईया


अद्वैत भईया नमस्ते ....कैसे हो भईया? राम राम!
भईया आप अगर teacher होते तो कैसे करते ?
video

मै Teacher होता तो सब बच्चों को कहता कि Home work करके आना नहीं तो स्कूल में नहीं रखूँगा। नहीं करके आओगे तो.... अभी कर लो तो टीम में भेज दूंगा नहीं करोगे तो झापड़ खाओगे।
अरे बापरे !! अद्वैत भैय्या ये आपने क्या कहा ? हमको तो लगता है कि आपको teacher से आपको खूब डांट पड़ती है तभी आप ऐसा कह रहे हैं। :)
आशा करते हैं कि भविष्य में आप एक बेहद अच्छे नागरिक बनेगें। और अपने देश का नाम दुनिया में रोशन करेंगे।

गौरव भईया

अहोभाग्य गौरव भईया.....पधारिये ! बच्चों की दुनिया में आपका स्वागत है। शायद आप भी कुछ कहना चाहते हैं ! तो कह डालिए अपने और आपके स्कूल के बारे में ।
video

मेरा नाम गौरव कुमार राय है। मैं दूसरी कक्षा में पढ़ता हूँ। मेरे स्कूल का नाम K.P.S. Sector-6 Bhilai Nagar है। मुझे सब Teacher अच्छी लगती है। मैं सबके साथ खेलता कूदता रहता हूँ और किसी को मारता पिटता नहीं हूँ।
मुझे जो mam कहती है वही करता हूँ और मैं mam लोगों की आज्ञा /बात मानता हूँ और मैं अपने mam को कभी तंग नहीं करता हूँ।

हम आशा करते हैं कि यह आप जो कह रहे हैं वैसा ही करते होंगे :) हमने तो आपके नटखटता के खूब किस्से सुने हैं।

हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

अनुज शर्मा

नमस्ते अनुज भैय्या आपका स्वागत है आपको आपका स्कूल कैसा लगता है?

video

"मेरा नाम अनुज शर्मा है मैं D.P.S. दुर्ग में पढ़ता हूँ मुझे स्कूल में पढ़ाई करना बहुत अच्छा लगता है। मुझे किसी को मारना अच्छा नहीं लगता है मुझे सबके साथ खेलना अच्छा लगता है। मुझे पढ़ाई करना भी अच्छा लगता है। मेरे स्कूल में बहुत सारी किताबें हैं मुझे पेंटिंग करना भी अच्छा लगता है। मेरे स्कूल में सब लोग मुझे खिलाते हैं हम लोग ground में भी बहुत सारा गेम खेलते हैं "

video


मेरे स्कूल में एक बस है। मैं अपने Teacher को कभी परेशान नहीं करता। मैं अपने दोस्तों को कभी मारता भी नहीं। उन लोगों के साथ खेलता हूँ मुझे सब चीज अच्छी लगती है सब Teacher अच्छी लगती है क्योंकि वे एकदम शांति से पढ़ाते हैं और कभी हमें डांटते नहीं है। हम लोग के स्कूल में बहुत सारे खेल हैं और हमारे स्कूल के सर भी बहुत अच्छे हैं। हम लोग अपनी Teacher को कभी परेशान नहीं करते और हम लोग की Teacher भी बहुत अच्छी है। हमें अच्छे से पढ़ाती है और हम लोगों ने एक खेल रखा था इसमें हम लोगों को एक फोटो चिपकानी थी चार्ट पेपर पर। उसमें पता नहीं किसका House जितने वाला था पर हम लोगों का ही उसमें जीत गया। हम लोगों ने कई सारी पिक्चर लगाई थी।

video

अगर मै Teacher होता तो बच्चों को बहुत सारा game खिलाता और उन्हें शांति से अच्छे से पढ़ाता उन्हें कभी परेशानी नहीं होने देता। बच्चों को मैं हमेशा से सुखी रखता क्योंकि बच्चे भी हमारा ख्याल रखते हैं अपने teacher को कभी परेशान नहीं करते इसलिए जब मैं भी Teacher होता तो अपने बच्चों का ख्याल रखता और मैं अकेले मज़ा नहीं उनको भी मजा दिलाता। उन्हें कभी मारता नहीं कभी परेशान भी नहीं करता उन्हें हमेशा सुखी रखता और जब उन्हें कोई परेशानी होती तो मैं उन्हें hospitital ले जाता और उन्हें ठीक कराता।

बहुत अच्छे अनुज भईया! आपने बेहद सुन्दर बात कही।
आपका बच्चों की दुनिया में आना और अपने भावों को हम सबके साथ share करना अच्छा लगा। आपको बहुत सारी बधाईयाँ....

Tuesday, February 9, 2010

अनुष्का दीदी

Hello अनुष्का दीदी आप कैसे हो? और आप क्या कहना चाहती हो ?

video

video

"मेरा नाम अनुष्का झाँ है। मै केजी-२ में पढ़ती हूँ, मेरे स्कूल का नाम श्री गुरु विद्या भवन है मेरेको मेरी मैडम अच्छे से पढ़ाती है और पिकनिक भी ले जाती है और कभी घुमाती है eng., hindi. पढ़ाती है और sports भी करवाती है उसमें बढ़ा मजा आता है।

मैं अगर Teacher होती तो उन्हें पढ़ाती और मारती भी... "

ओहो दीदी !आप ये क्या कह रही हो? आप बच्चों को मारती भी !!

नहीं दीदी बच्चे तो बहुत प्यारे होते हैं उन्हें मारकर नहीं प्यार से समझाते हैं।

दीदी आपका शुक्रिया बच्चों के दुनिया में आने के लिए।
हम आपके अच्छे भविष्य की कामना करते हैं.

Monday, February 8, 2010

अनुभव

अनुभव भैय्या जी आप तो बड़े उत्साहित लग रहो हो शायद कुछ कहाँ चाहते हैं अपने school और शिक्षकों के बारे में साथ में यह भी की यदि आप शिक्षक होते तो क्या करते।

video
video

"मेरे school स्कूल का नाम श्री नारायण गुरु विद्या भवन है यह सेक्टर-७ भिलाई नगर में स्थित है। मुझे मेरा School बहुत अच्छा लगता है। मेरी सायदा mam मुझे बहुत अच्छी लगती है और हमें पिकनिक भी ले जाती है और हम बहुत मजे करते हैं और कभी कभी घुमने जाते हैं।

अनुभव भैय्या आगे कहते हैं....
मैं अगर Teacher होता तो बच्चों को हमेशा पढ़ाता और हमेशा उन्हें अच्छे से पढ़ाता और उनसे कुछ गलती होती तो समझाता और वे अगर Homework करके ना आते तो मैं उन्हें समझाता कि बच्चों तुम हमेशा Homework करो और उन्हें मैं हमेशा सुख़ देता।

धन्यवाद भैय्या आप हमेशा प्रगति के मार्ग पर अग्रसर रहें। ईश्वर से हमारी यही दुआ है।

दीक्षा दीदी (स्वीटी दीदी)

तो आप भी देखिये स्वीटी दीदी क्या कह रही हैं अगर वह teacher होती तो क्या करती?


अगर मै teacher होती तो सब बच्चों को ध्यान से पढ़ाती और अगर कुछ बदमाश बच्चे होते तो उन्हें कहती अगर तुम अच्छे से पढ़ाई करो तो तुम बड़े होकर विज्ञानं बच्चे बन सकते हो यह कहती....आगे आप स्वीटी दीदी से ही सुनिए।




video


धन्यवाद स्वीटी दीदी। ईश्वर से यही दुआ है की सफलता आपके कदम चूमें।
आपका प्यारा आदित्य।

Wednesday, February 3, 2010

"पढ़ाई!!!!"

शsssssssss....
चुपके से मेरे साथ आइये!
कुछ बच्चों की आपस में चर्चा हो रही है ओहो! ये तो पढ़ाई के बारे में बात कर रहे हैं।




चलिए इनसे पूछते हैं कि ये अपनी पढ़ाई , स्कूल और शिक्षक के बारे में क्या कह रहे हैं?




और यह भी कि अगर ये शिक्षक होते तो तो बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करते?
प्यारे दोस्तों क्या मै सभी से एक बात पूछ सकता हूँ.....

आप सभी को स्कूल में क्या अच्छा लगता है और क्या नहीं और अगर आप टीचर होते तो बच्चों के साथ कैसाकरते?





सबबातों को सुन कर हम यह निर्णय लेंगे कि हमें स्कूल जाना चाहिए या नहीं?....










आज मै आपको दीक्षा दीदी से मिलवाता हूँ .....




दीक्षा दीदी अपने बारे में बताइए ......
मै कक्षा 3A में पढ़ती हूँ sector-7 ,Eng. Middile School में पढ़ती हूँ।

मेरी एक सुनीता mam है जिनका पढ़ाना मुझे अच्छा लगता है और मुझे वह बहुत पसंद है। इससे पहलेसाईमन सक्सेना mam थी और उनसे पहले रमा mam थी वो प्यार से कहती थी तो कोई नहीं मानता था तोहमारे लिए stick लाया करती थी।

जिनका नाम सक्सेना और साईमन mam थी मुझे बहुत मारती थी।
उसके बाद हमारी स्वाति mam आई है और वह अभी भी हमको पढ़ाती है और अच्छी लगती है।

दीक्षा दीदी आगे कहती हैं .....
मेरी mam मुझको कई तरीके से पढ़ाती है recess में हम कई तरह के game खेलते हैं मुझे आँख मिचौलीखेलना कतई भी पसंद नहीं है।

अगर मै टीचर होती तो यह सोचती हमें EVS में जैसे पत्ते के बारे में जानना है तो उसे पकड़ -पकड़ कर उसेदेखती और सिखाती।

अगर मै टीचर होती तो सब बच्चों को प्यार प्यार से पढ़ाती उन्हें अच्छे से समझाती अगर वे homework करकेनहीं आते तो मै उन्हें समझाती कि कल से homework करके आना और वे शैतान बच्चे होते तो मैं उन्हेंसमझाती अगर तुम पढ़ोगे लिखोगे और अच्छे से पढ़ाई करोगे तो बड़े होकर विज्ञानं बच्चे बन सकते हो।

ओहो !.........
बहुत सुन्दर दीक्षा दीदी!
(*दीक्षा के विचारों को उन्हीं के शब्दों में पेश किया गया है।)