Tuesday, October 27, 2009

"आदित्य"




सभी बड़ों की ब्लॉग है तो हम बच्चे क्या करें ? तो हमारी बड़ी मम्मी ने भी हमारे लिए एक ब्लॉग बना दिया और कहा कि अपने दोस्तों को भी बुला लो और और उनको भी अपने दोस्तों से मिलवाओ। आप सभी मुझसे पहले ही मिल चुके हैं और क्या बताऊँ दोस्तों .....
मेरी माँ दिन रात सेवा करती रहती है ताकि मैं जल्दी से अच्छा हो जाऊँ........
सबकी माँ अपने बच्चों के लिए करती है , कभी भी अपनी माँ का दिल मत दुखाना दोस्तों ....
मैं दुनिया कि सभी माताओं को प्रणाम करता हूँ और उनसे उनके बच्चों की ओर से पूछना चाहता हूँ...
कौन सा दर्द बड़ा है तुम्हारा माँ ?
जब तुमने रखा मुझे नौ महीने कोक में,
जब तुमने जन्म मुझे दिया ,प्रसव कि पीड़ा सहकर,
या अब
जब तुमने मेरे बर्ताव के डंक सहे?
कौन सा दर्द बड़ा तुम्हारा माँ ?
जवाब दो माँ
सहती क्यों हो इन पीड़ाओं को.....
देखो अपनी माँ की आंखों में जवाब मिल जाएगा.............


4 comments:

संजय भास्कर said...

कौन सा दर्द बड़ा है तुम्हारा माँ
dil cheer deta hai

संजय भास्कर said...

बहुत सुन्दर रचना । आभार

ढेर सारी शुभकामनायें.

SANJAY KUMAR
HARYANA
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

Roshani said...

बहुत शुक्रिया दोस्त आपने "बच्चों की दुनिया" देखी. और अपनी भावनाएं व्यक्त की.
आपका आभार
From Aadity Sahu

रंजन said...

लो आदित्य जूनियर भी आ गया.. स्वागत दोस्त..

प्यार..