Wednesday, February 10, 2010

अनुज शर्मा

नमस्ते अनुज भैय्या आपका स्वागत है आपको आपका स्कूल कैसा लगता है?

"मेरा नाम अनुज शर्मा है मैं D.P.S. दुर्ग में पढ़ता हूँ मुझे स्कूल में पढ़ाई करना बहुत अच्छा लगता है। मुझे किसी को मारना अच्छा नहीं लगता है मुझे सबके साथ खेलना अच्छा लगता है। मुझे पढ़ाई करना भी अच्छा लगता है। मेरे स्कूल में बहुत सारी किताबें हैं मुझे पेंटिंग करना भी अच्छा लगता है। मेरे स्कूल में सब लोग मुझे खिलाते हैं हम लोग ground में भी बहुत सारा गेम खेलते हैं "


मेरे स्कूल में एक बस है। मैं अपने Teacher को कभी परेशान नहीं करता। मैं अपने दोस्तों को कभी मारता भी नहीं। उन लोगों के साथ खेलता हूँ मुझे सब चीज अच्छी लगती है सब Teacher अच्छी लगती है क्योंकि वे एकदम शांति से पढ़ाते हैं और कभी हमें डांटते नहीं है। हम लोग के स्कूल में बहुत सारे खेल हैं और हमारे स्कूल के सर भी बहुत अच्छे हैं। हम लोग अपनी Teacher को कभी परेशान नहीं करते और हम लोग की Teacher भी बहुत अच्छी है। हमें अच्छे से पढ़ाती है और हम लोगों ने एक खेल रखा था इसमें हम लोगों को एक फोटो चिपकानी थी चार्ट पेपर पर। उसमें पता नहीं किसका House जितने वाला था पर हम लोगों का ही उसमें जीत गया। हम लोगों ने कई सारी पिक्चर लगाई थी।


अगर मै Teacher होता तो बच्चों को बहुत सारा game खिलाता और उन्हें शांति से अच्छे से पढ़ाता उन्हें कभी परेशानी नहीं होने देता। बच्चों को मैं हमेशा से सुखी रखता क्योंकि बच्चे भी हमारा ख्याल रखते हैं अपने teacher को कभी परेशान नहीं करते इसलिए जब मैं भी Teacher होता तो अपने बच्चों का ख्याल रखता और मैं अकेले मज़ा नहीं उनको भी मजा दिलाता। उन्हें कभी मारता नहीं कभी परेशान भी नहीं करता उन्हें हमेशा सुखी रखता और जब उन्हें कोई परेशानी होती तो मैं उन्हें hospitital ले जाता और उन्हें ठीक कराता।

बहुत अच्छे अनुज भईया! आपने बेहद सुन्दर बात कही।
आपका बच्चों की दुनिया में आना और अपने भावों को हम सबके साथ share करना अच्छा लगा। आपको बहुत सारी बधाईयाँ....

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